भद्रादोष परिहार विशेष :~
इस रक्षाबंधन के पर्व पर भद्रा को की मृत्युलोक में निवास कर रही है, तब इसके परिहार में आचार्यजीने बालबोध ज्योतिष ग्रंथ में प्रथम प्रकारण में ८१ वें श्लोक में जो विवरण किया है, वह इस रक्षाबंधन में वह नियम लगाया जा सकता है जो इस प्रकार है,
"विष्टिरङ्गारकश्चैव व्यतीपातश्च वैधृति: ।
प्रत्यरिर्जन्मतारा च मध्याह्नात्परतः शुभाः।।"
श्लोकार्थ इस प्रकार है कि," विष्टि, मंगलवार, व्यतिपात, वैधृति, प्रत्यरि और जन्मतारा ये सब मध्याह्न काल के बाद शुभ माने गए है । यह श्लोक मुहूर्त चिंतामणि ग्रंथ में प्रथम प्रकरण में श्लोक नं. ४४ की टीका में सबसे अंतिम रेखा में दिया गया है ।
ता. 30/8/23 को वडोदरा में मध्याह्न काल प्रारंभ दोपहर 1क.53मि.15को पूर्ण हो रहा है । तो आप निश्चिंत होकर नीचे दिए गए मुहूर्त में रक्षाबंधन मनाए।
चौघड़िया मुहूर्त :~
1) चर:~ 3.46p.m. से 5.21p.m. तक
2) लाभ:~ 5.21p.m. से 6.55p.m. तक
3) शुभ:~ 8.21 से 9.19p.m. तक
होरा मुहूर्त :~
1) बुध :~ 1.53p.m. से 2.44p.m. तक
2) चंद्र :~ 2.44p.m. से 3.46p.m. तक
3) गुरु :~ 4.49p.m. से 5.52p.m. तक
4) सूर्य :~ 6.55p.m. से 7.52p.m. तक
5) शुक्र :~ 7.52p.m. से 8.49p.m. तक
6) बुध :~ 8.49p.m. से 9.19p.m. तक
अन्त में जो चौघड़िया और होरा मुहूर्त है, वह अधिक समय तक है, लेकिन यहा धर्मसिंधु में केवल सायंकाल के बाद 6 घटी तक ही शुभ मुहूर्त ले सकते है, यहां पर 6 घटी अर्थात् 2क.24मि. जो की रात्रि को 9.19p.m. पर समाप्त हो जाते है, अतः वही तक हम शुभ मुहूर्त ले सकते है ।
ASTROLOGER MBPATHAK
8141277599
सभी को इस रक्षाबंधन की हार्दि
क शुभकामनाएं।
धन्यवाद ।
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